कोल्हुआ कंपनी घाट पर स्टीमर की मांग: ग्रामीणों की परेशानी और सरकार की जिम्मेदारी
मिर्जापुर के चील्ह ब्लॉक के कोल्हुआ कंपनी घाट पर ग्रामीणों ने स्टीमर चलाने की मांग की है। इस घाट पर बना पीपा पुल भारी बरसात और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण समाप्त कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को मिर्जापुर शहर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को अब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है, जो उनके लिए बहुत ही परेशानी का सबब बन गई है।
ग्रामीणों की मांग
- स्टीमर की व्यवस्था: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कोल्हुआ कंपनी घाट पर स्टीमर की व्यवस्था की जाए, जिससे वे आसानी से गंगा पार कर सकें।
- आवागमन की सुविधा: ग्रामीणों का कहना है कि स्टीमर की व्यवस्था होने से उनके आने-जाने का मार्ग सुगम हो जाएगा और उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
आरोप लगाने वाले ग्रामीण
- रफीक अली: ग्रामीणों के एक प्रतिनिधी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने जल जीवन मिशन पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन ग्रामीणों को अभी तक घरों में पानी नहीं मिल पाया है।
- राजेंद्र चौबे: उन्होंने कहा है कि ग्रामीणों को मजबूरन लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
- शिवमंगल बिंद: उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द कोल्हुआ कंपनी घाट पर स्टीमर चलाया जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके।
सरकार की जिम्मेदारी
- स्टीमर की व्यवस्था: सरकार को कोल्हुआ कंपनी घाट पर स्टीमर की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे ग्रामीणों को गंगा पार करने में आसानी हो।
- ग्रामीणों की समस्या का समाधान: सरकार को ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें राहत प्रदान करनी चाहिए।
निष्कर्ष
कोल्हुआ कंपनी घाट पर स्टीमर की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए और ग्रामीणों को राहत प्रदान करनी चाहिए। स्टीमर की व्यवस्था होने से ग्रामीणों के आने-जाने का मार्ग सुगम हो जाएगा और उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
सुशील कुमार उपाध्याय की रिर्पोट
“Today Mirzapur“
