मिर्जापुर में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजीयन की जिला इकाई ने वाणिज्यकर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने जीएसटी की विसंगतियों के खिलाफ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन एडिशनल कमिश्नर को सौंपा।
मुख्य मांगें:
- जीएसटीआर-1 फाइलिंग में एचएसएन सारांश: बी2बी और बी2सी के लिए अलग-अलग एचएसएन सारांश मांगने पर रोक लगाई जाए, क्योंकि यह व्यापारियों के उत्पीड़न के लिए किया जा रहा है।
- फिजिकल ऑडिट और नोटिस: बार-बार नोटिस और ऑडिट से व्यापारियों को परेशानी हो रही है, जिस पर रोक लगनी चाहिए। अधिकांश व्यापारियों के निर्धारण पूर्व में ही हो चुके हैं।
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन सरेंडर: जीएसटीआर-10 अपलोड करने के बाद भी व्यापारियों को कार्यालय में बुलाने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
- सचल दस्तों द्वारा जुर्माना: पूरा टैक्स जमा होने के बाद भी तकनीकी आधार पर अनावश्यक कमियां निकालकर जुर्माना लगाया जा रहा है, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
- जीएसटी स्लैब: जीएसटी की दरों के स्लैब कम किए जाएं और अधिकतम जीएसटी स्लैब 18 प्रतिशत से अधिक न रखा जाए।
- 40 लाख से कम कारोबार करने वाले व्यापारियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन: विभागीय अधिकारी कम टर्नओवर वाले व्यापारियों का उत्पीड़न कर रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने के लिए बाध्य कर रहे हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
- जांच के समय कर जमा कराना: जांच का निर्णय पूर्ण होने से पहले किसी प्रकार का कर जमा कराना गलत है, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
- बिना कारण व्यापारियों को कार्यालय में बुलाना: बिना किसी विशेष कारण के व्यापारियों को कार्यालय में बुलाने पर रोक लगनी चाहिए।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से आनंद अग्रवाल, अनुज उमर, कृष्णा जायसवाल, अमित सिंह, दीपक अग्रवाल, मुकेश उपाध्याय, संजय दुबे, दीपक पटेल, कपिल मौर्या, मुकेश यादव, अंकित सिंह, पवन गौड़, अशफाक कुरैशी, अनुज दुबे, संतोष दुबे, अतुल मौर्य, बैजू बिंद, विक्रमा मौर्या, अनवर, मनोज श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
Rajan Gupta
Editor in chief
“Today Mirzapur“
